शिकायत में संस्था एवं निदेशक एवं ऑडिटरों पर लगाया गम्भीर आरोप
करनाल, 26 फरवरी (अनिल लाम्बा) : करनाल स्थित खादी आश्रम एवं खादी ग्राम सेवा मण्डल की एक शिकायत अम्बाला कैंट स्थित निदेशक को की गयी है शिकायत करने वाले व्यक्ति प्रदीप कुमार ने सूचना अधिकार के तहत सूचना प्राप्त करने के बाद निदेशक खादी ग्रामोद्योग राज्य कार्यालय अम्बाला कैन्ट को भेजी है अपने शिकायती पत्र में प्रदीप कुमार ने खादी आश्रम एवं खादी ग्राम सेवा मण्डल पर आरोप लगाया है कि पिछले 10-15 सालों से रुई की कोई खरीद ही नहीं हुई और जब रुई खरीदी ही नहीं गयी तो उसकी पिंजाई कहाँ से हुई होगी ये सोचने का विषय है शिकायतकर्ता ने यहाँ तक अपने शिकायती पत्र में कहा हैकि किसी रुई विक्रेता के खाते में रुई की कीमत जमा करवा उससे दस्ती रुपये प्राप्त कर लिए जाते हैं उपरोक्त करनाल स्थित खादी आश्रम एवं खादी ग्राम सेवा मण्डल संस्था का कोई कताई सैंटर तक ना है और ना ही किसी कातिन को रुई कताई के लिए दी गयी शिकायत करने वाले प्रदीप कुमार को उपरोक्त संस्था या उसमें हो रहे घोटाले का कहीं ना कहीं उसे पता था या उसे जानकारी थी ऐसा इसलिए कि प्रदीप कुमार ने अपने भेजे शिकायती पत्र में निदेशक को यहाँ तक कहा हैकि उसने अपने स्तर पर छानबीन तक की ? संस्था में जितना उत्पादन दिखाया जाता है वह सब झूठ है कारण जो बुनकर हैं उन्हें खड्डी चलाने तक का कोई ज्ञान नहीं है अपने भेजे गए शिकायती पत्र में प्रदीप कुमार ने उपरोक्त संस्थाओं को सील करने व संस्था चलाने वालों सहित निदेशक और ऑडिटरों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही तक के लिए लिखा है जो इस संस्था की सूचना ली है वह भी आधी-अधूरी है उसमें भी रुई विक्रेताओं के नाम तो हैं किन्तु पते उपलब्ध ही नहीं हैं रुई खरीद के बाद पिंजाई कहाँ कराई गयी उसके नाम व पते कि कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है जिससे यहाँ ये कहना नामुमकिन सा लगता हैकि इतना बड़े स्तर पर जो घोटाला उपरोक्त संस्थाओं में हुआ है वह बिना किसी अधिकारी की मिलीभगत के किया जाना आसान नहीं है
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क्या कहा जांच अधिकारी ने
करनाल, राज्य कार्यालय खादी ग्रामद्योग अम्बाला कैंट में बैठे करनाल देख रहे अमरनाथ ने बताया कि उन्हें उपरोक्त संस्थाओं कि शिकायत मिली है और वह इसकी जांच करने अगले सप्ताह करनाल आ रहे हैं
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क्या कहा सूचना अधिकार के तहत उपरोक्त मांगी गयी संस्थाओं की सूचना के बारे अधिकारी ने
खादी और ग्रामोद्योग आयोग अम्बाला छावनी में बैठे यशपाल सिंह सह विकास अधिकारी ने बताया और माना कि इतना बड़ा घोटाला बिना विभाग कि मिलीभगत के होना नामुमकिन सा है
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