Wednesday, January 29, 2014

पशु तस्करी में पुलिस की मिलीभगत

पशु तस्करों और अज्ञात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज
ए.डी.जी.पी. और एस.पी. बोले : संलिप्त पाए गए तो होगी कड़ी कार्रवाई
करनाल, 29 जनवरी (अनिल लाम्बा) : हरियाणा में पशु तस्करो पर लगाम लगाने के लिए भले ही ए.डी.जी.पी. वी. कामराजा और एस.पी. शशांक आन्नद सक्रिय हो। मगर जांच में सामने आया है कि कुछ पशु तस्कर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पशु तस्करी जैसे घोर ध्ंधे को अंजाम दे रहे है। यही नही करनाल पुलिस ने पशु तस्करों के साथ-साथ अज्ञात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है। इसमें टोल प्लाजा के कर्मचारी भी शामिल हो सकते है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। यदि इनकी संलिप्तता पाई गई तो पुलिस विभाग अपने ही महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा। फिलहाल शुरूआती तौर पर पुलिस ने करीब 10 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस विभाग उन तस्करों को पकड़ेगा, जिनसे यह पता लगेगा कि कौन-कौन पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पशु तस्करों की मदद करने में शामिल हैं। प्रदेश के ए.डी.जी.पी. वी. कामराजा ने आज पत्रकार वार्ता के दौरान खुलासा किया कि हरियाणा को 4 क्षेत्रों में बांटा गया था। पशु तस्करों को पकडऩे के लिए विशेष दस्ते गठित किए थे। अकेले करनाल में जनवरी महीनें में ही 658 पशु मुक्त करवाए गए है ओर 40 मामले दर्ज किए गए है। जिसमें 7 आरोपी भी शामिल है। ए.डी.जी.पी. ने बताया कि थाना  सिविल लाईन में आज मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नही जाएगा। एस.पी. शशांक आन्नद ने इस संवादाता को बताया कि पशु तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कुछ कर्मचारियों के नाम सामने आए है, लेकिन पहले पशु तस्करों को पकड़कर पूछताछ की जाएगी। शुरूआती तौर पर एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई है। एस.पी. ने बताया कि पूछताछ में ही सही खुलासा हो पाएगा कि कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। उन्हें किसी हालत में बख्शा नही जाएगा।  एस.पी. ने आम लोगों से भी आहवान किया है कि पशु क्रूरता और गऊ अधिनियम के तहत अपराध करने वाले अपराधियों की जानकारी तुरंत नजदीक के थाने और पुलिस चौंकी में दें।

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