हरियाणा विधानसभा परिसर में कुमारी शैलजा राज्यसभा के लिये नामांकन भरने के बाद बाहर इनेलो नेता अभय चौटाला की बधाई स्वीकार करते हुए। नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 28 जनवरी (अनिल लाम्बा) : हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नहीं चाहने के बावजूद निवर्तमान केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को राज्यसभ में भेजे जाने के फैसले से कांग्रेसियों में हलचल है। कुमारी शैलजा ने मंत्री पद छोड़ दिया है। उधर, हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए आज कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा व इनेलो से रामकुमार कश्यप ने हरियाणा विधानसभा में अपने नामांकन पत्र जमा करवाए। आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले से सब चकित हैं। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा चाहते थे कि या तो राज्यसभा के वर्तमान सांसद राम प्रकाश को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया जाये या फिर वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना को राज्यसभा भेजना चाहते थे। शैलजा के नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मुलाना ने कहा कि जो होता है ऊपर से होता है। हरियाणा से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा था। लोकसभा चुनाव लडऩे के सवाल पर मुलाना ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। गुटबाजी के सवाल पर मुलाना ने कहा कि जिसे भी टिकट मिलेगा, सभी कार्यकर्ता उसके साथ खड़े हो जाएंगे।
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