Saturday, February 8, 2014

रोडवेज कर्मियों ने किया मंत्री सुर्जेवाला के निवास पर प्रदर्शन का ऐलान

कहा : समाधान की बजाय आंदोलन दबाने की कोशिश की मंत्री ने
करनाल, 9 फरवरी (अनिल लाम्बा) : हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने कमेटी के चेयरमैन तथा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रणदीप सुर्जेवाला के निवास पर आगामी 19 फरवरी को प्रदर्शन का ऐलान किया है। कर्मचारी इस दौरान विशाल विरोध प्रदर्शन करके अपनी मांगों का ज्ञापन पत्र भी देंगे। यह घोषणा आज हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन  के प्रदेशाध्यक्ष सरबत पूनिया ने राज्य स्तरीय कार्यकत्र्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए की। आज करनाल के पंचायत भवन में रोडवेज कर्मचारियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन किया गया। सरबत पूनिया व धर्मबीर हुड्डा ने अपने सम्बोधन में कहा कि 13-14 नवम्बर की हड़ताल के दौरान तालमेल कमेटी से हुई बातचीत मे परिवहन मंत्री ने सभी मांगों को हल करने के लिए तीन मंत्रियों व तालमेल कमेटी के नेताओं की एक संयुक्त कमेटी बनाने की घोषणा की थी। जिसमें जन स्वास्थ्य एवं उद्योगमंत्री  रणदीप सिंह सुरजेवाला को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। यूनियन नेताओं ने गहरा खेद प्रकट करते हुए कहा कि कमेटी के चेयरमैन सुरजेवाला ने मांगों के समाधान की बजाय, कर्मचारियों की वर्षों से कायम एकता को तोडऩे और आंदोलन को दबाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। इस साजिश के तहत गत 20 जनवरी की सफ ल हडताल से घबरा कर कमेटी की मिटिंग बुलाने की बजाय कुछ अपने चहेते कर्मचारी नेताओं को आधी रात के समय अपने सरकारी निवास पर बुलाया और उन्हें डरा-धमका कर अपनी मनमर्जी के फैसले पर हस्ताक्षर करवा लिए। उस मीटिंग में न तो सरकार की तरफ से शामिल सभी मंत्रियों व अधिकारियों को बुलाया गया और न ही कर्मचारियों की तरफ  से शामिल सभी यूनियन प्रतिनिधियों को बुलाया। रोडवेज कर्मचारियों ने मंत्री के इस आचरण की घोर ङ्क्षनदा करते हुए ही इस समझौते को रद्द करवाने के लिए उनके कैथल निवास पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वरिष्ठ उपप्रधान रामफल देशवाल, रामनिवास राणा व जसबीर सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी 3519 निजी परमिटों को देने की नीति को रद्द करने, विभाग मे बसों की संख्या 10 हजार करने, कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पक्के भर्ती किए गए कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पूरा वेतन देने, सभी तकनीकी कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान देने, कर्मशाला के लगभग 2800 खाली पड़े पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती करने, एक महीने के वेतन के बराबर बोनस देने की स्थाई नीति बनाने, चालक-परिचालकों के 10 महीने से रूके पडे रात्री भत्ते को बहाल करने व अन्य मांगों को लेकर लम्बे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इन्हें लागू करवाने के लिए कर्मचारी पिछले तीन वर्षों के दौरान रैली, धरने, प्रदर्शन व घेराव से लेकर चार बार राज्य स्तरीय हडताल करके चक्का जाम भी कर चुके हैं लेकिन सरकार व रोडवेज प्रशासन इन मांगों से मुंह फेर कर पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। सरकार के इस नजरिए से रोडवेज कर्मचारियों मे भारी गुस्सा है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि इस समझौते से रोडवेज कर्मचारियों के मांगपत्र मे शामिल कर्मचारियों की एक भी मांग का समाधान नही हुआ। 

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